नज़र - रितु राज

- नज़र-
बेबाक सी नज़र उसकी
दिल को घायल कर गई
नजरों से देखा जो उसने
नजर की कायल हो गई ।
       
नजर न मिला पाए फिर हम
नजरो की कयामत हो गई
नजर को नजर लग गई हमारी
नजरों की नजरबंद हो गई ।
       
नजर ना लगे उसकी नजरो को
नजर की बात हो गई
उसकी नजर हमारी नजर हो गई ।
           
          ✍️ लेखिका- 
                         रितु राज
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Milan Tomic

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