Tasim Ahamad - Chief Editor
दिल्ली :
कंत दर्शन पब्लिशर्स इकाई महाराज दर्शन दास चैरिटेबल ट्रस्ट ने बड़े हर्षोल्लास के साथ गुरू महाराज कंत जी द्वारा रचित पुस्तक ‘तूं ना आय्यों दिलबरा’’ (पंजाबी) का विमोचन विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान में किया।
इस कार्यक्रम में डा. तेजवंत सिंह जी (सहायक प्रो. गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कामर्स) ने गुरू महाराज ‘कंत’ जी की पुस्तक का लोकापर्ण कर पुस्तक के बारे में अपने अमूल्य विचार दिये कि किस तरह गुरू महाराज जी ने पंजाबी भाषा में गीतों व गज़लों को सूफी रंग के साथ साथ अनेक सामाजिक कुरीतियों के प्रति समाज को जागृत करने का प्रयास किया है।
इन रचनाओं में केवल प्रेरणा ही नहीं हैं अपितु ये हृदय एवं आत्मा की गहराई तक उतरती चली जाती है। इन रचनाओं द्वारा अपने इष्ट एवं गुरूदेव सतगुरू दर्शन दास जी के प्रति सच्चे प्रेम एवं श्रद्धा से परिपूर्ण हृदय से उत्सर्जित भावों को शब्दों में गुरू महाराज कंत जी ने वर्णित किया है।
गुरू महाराज कंत जी भारत एवं विदेशों में स्थित अनेकों आश्रम-कंत दर्शन दरबार के संचालक एवं आध्यात्मिक प्रमुख हैं। अध्यात्म-क्षेत्र के अतिरिक्त उनका रूझान साहित्य लेखन, गीत, गज़लों आदि में भी है। जिस कारण इन्होंने अनेकों मूल्यवान पुस्तकों की रचना की है।
इस अवसर पर मिशन के ट्रस्टी मिशन के प्रधान दास जसविंदर सिंह, सचिन दास त्रिलोक, मिशन के ट्रस्टी दास सुखबीर सिंह एवं दास हीरालाल एवं अन्य मुख्य सदस्यो ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। साथ ही साध संगत भी बड़ी संख्या ने भी वहां पहुँचकर इस कार्यक्रम का आनन्द लिया।





















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