मिली जानकारी के अनुसार, ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है और अब ध्यान राहत कार्यों पर है, जिसमें बिजली सप्लाई बहाल करना भी शामिल है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। राज्य सरकार की प्राथमिकता शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लोगों तक राहत पहुंचाना है। इससे पहले, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि जिन इलाकों में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी, वहां उसे बहाल करने के लिए एक समन्वित प्रयास किया जा रहा है।
असम में बाढ़ प्रभावित ज़िलों में गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर शामिल हैं। चार ज़िलों में कुल 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र अभी चल रहे हैं, जहाँ विस्थापित हुए 37,724 लोगों को आश्रय और मदद दी जा रही है। सेना, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), फ़ायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज़ और असम पुलिस द्वारा बचाव और राहत कार्य किए जा रहे हैं, जबकि बाढ़ के पानी ने कई ज़िलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को भी नुकसान पहुंचाया है।

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