रुड़की (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के रुड़की स्थित सोफिया पब्लिक स्कूल (इमली रोड) के प्रांगण में 'नई उम्मीद फाउंडेशन ट्रस्ट' की ओर से एक भव्य और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रसिद्ध समाजसेवी शेरू मलिक के अथक प्रयासों और सक्रिय भूमिका की सभी ने खुले दिल से सराहना की। आयोजित कार्यक्रम में सहारनपुर कांग्रेस की जिला उपाध्यक्षा एवं प्रसिद्ध समाजसेविका डॉ शाजिया नाज़ ने विशेष रूप से शिरकत की।
समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए डॉ शाज़िया नाज़ को फाउंडेशन और आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को चार चांद लगा दिए ।
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु इसकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत का जादू रहा। इस दौरान कलाकारों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन के दौरान कार्यक्रम में गूंजी "रूठे रब को मनाना आसान है, रूठे यार को मनाना मुश्किल" जैसी पंक्तियाँ पर समां बांध दिया और श्रोताओं का दिल जीत लिया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से एक शानदार संगीत संध्या के साथ-साथ 'दस्तरखान की महफिल' भी सजाई गई, जहाँ सभी साथियों ने मिलकर आपसी भाईचारे और आत्मीयता का संदेश दिया ।
इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में कलाकारों और गणमान्य साथियों ने हिस्सा लिया। सिंगिंग और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े इन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी साथियों के आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।

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