दिल्ली (डिंपल भाटिया द्वारा न्यूज़ रिपोर्ट)
राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को पकड़ा है जो खुद को उत्तर प्रदेश का सिविल जज बता रहा था। यह व्यक्ति जाली दस्तावेजों के सहारे पुलिस और प्रशासन को चकमा दे रहा था। पुलिस ने इस फर्जी जज और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार और कारतूस भी मिले हैं।
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कैसे पकड़ा गया फर्जी जज और उसके साथी को?
यह पूरी घटना 5 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। दिल्ली पुलिस की पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की टीम सुरक्षा जांच के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक काली फिल्म वाली MG Hector SUV को रोका, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। गाड़ी पर ‘न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश सरकार’ का स्टिकर लगा हुआ था, जिससे पुलिस को शक हुआ और उन्होंने गाड़ी की तलाशी ली।
गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान की पूरी जानकारी
पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले हैं। उनके पास से मिले सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
बरामद सामान विवरण
आरोपी के नाम सूर्य अग्रवाल (31) और निखिल यादव (21)
हथियार एक पिस्तौल और कुल 9 जिंदा कारतूस
गाड़ी MG Hector SUV (बिना नंबर प्लेट)
दस्तावेज फर्जी न्यायिक पहचान पत्र और जाली अनुमति पत्र
अन्य ‘न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश सरकार’ का स्टिकर
जांच में क्या खुलासे हुए?
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि सूर्य अग्रवाल ने खुद को UP का सिविल जज बताया था। जांच में पता चला कि उसके पास UP का शस्त्र लाइसेंस तो था, लेकिन वह केवल उसी राज्य के लिए वैध था। दिल्ली में हथियार ले जाने के लिए उसने एक जाली अनुमति पत्र बनाया था, जिसमें डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज कहाँ से बने थे।
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