Tasim Ahamad - Chief Editor
फागी (जयपुर) : संवाददाता
राजस्थान के पर्यावरण परिदृश्य को बदलने की दिशा में नेचर वेलफेयर काउंसिल ने एक बड़ा कदम उठाया है। काउंसिल के सेंट्रल चेयरमैन श्री राहुल द्विवेदी, सेंट्रल वाइस चेयरमैन श्री उदयन कुलश्रेष्ठ एवं सेंट्रल डायरेक्टर श्री अंकुर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने फागी क्षेत्र का दौरा किया। यह दौरा संस्था के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'ग्राम लघु वन' (Village Mini Forest) की रूपरेखा तैयार करने हेतु आयोजित किया गया था।
कार्बन क्रेडिट से जुड़ेगा ग्रामीण विकास- दौरे के दौरान सेंट्रल डायरेक्टर श्री अंकुर सिंह ने प्रोजेक्ट के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि इसे कार्बन क्रेडिट के वैश्विक मॉडल से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इन लघु वनों द्वारा सोखी गई कार्बन डाइऑक्साइड के आधार पर कार्बन क्रेडिट अर्जित किए जाएंगे, जिसका लाभ भविष्य में स्थानीय विकास और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में निवेश किया जाएगा। यह कदम राजस्थान को 'नेट जीरो' लक्ष्य की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
रणनीतिक नेतृत्व- चेयरमैन श्री राहुल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि फागी का यह प्रोजेक्ट पूरे देश के लिए एक नजीर बनेगा, जहाँ आधुनिक विज्ञान और ग्रामीण परंपराओं का संगम होगा।
सस्टेनेबल मॉडल- वाइस चेयरमैन श्री उदयन कुलश्रेष्ठ ने टीम के साथ मिलकर वन क्षेत्र के लिए भूमि का सीमांकन किया और स्थानीय समुदायों को इस परियोजना से होने वाले दीर्घकालिक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों के बारे में विस्तार से समझाया।
तकनीकी मूल्यांकन- टीम ने क्षेत्र की पारिस्थितिकी का अध्ययन किया ताकि ऐसे पौधों का चयन किया जा सके जो कम पानी में तेजी से कार्बन सोखने की क्षमता रखते हों।
प्रोजेक्ट के लाभ-
पर्यावरण सुधार- बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने और ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने में सहायक।
आर्थिक सशक्तिकरण- कार्बन क्रेडिट के माध्यम से पंचायतों और ग्रामीणों के लिए आय के नए स्रोत।
जैव-विविधता- लुप्त होती वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को संरक्षण।
इस अवसर पर नेचर वेलफेयर काउंसिल की पूरी टीम, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को मरुधरा की हरियाली के लिए क्रांतिकारी बताया।


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